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Sunday, 1 March 2015

भयानक रात 

 हर रोज की तरह आज फिर देर शाम अपने दफ्तर से निकला था. बहार काफी तेज बारिश हो रही थी. मेने पार्किंग से गाड़ी निकली और घर की तरफ चल निकला। कुछ दूर  चलने के बाद हाइवे पर एक सूनसान इलाके में कार अचानक


 खराब हो गयी मानो  दूर दूर तक कुछ भी दिखाई नहीं  था मैने कई गाड़ियों को हाथ दिया पर  किसी ने भी गाड़ी नहीं रोकी। तेज होती बारिश ने मुझे पूरी तरह से भिगो दिया था. में  कार को वही छोड़ कर किसी आशियाने की तलाश करने लगा. कुछ दूर चलकर एक खण्डार जैसा पुराना मकान दिखाई दिया मै  किसी तरह हिम्मत करके उस मकान के पास गया और 'कोई है' 'कोई है' करके आवाज़ लगाने लगा पर वहां से कोई जवाब नही आया. दरवाज़ा खुला होने पर भी अंदर कोई नहीं था ये देखकर में बुरी  तरह डर गया. पर करता  क्या बारिश से बचने के लिए मै अंदर चला गया और  मैंने जो अंदर देखा उसे देख कर मेरी चीख निकल गयी.…। ……।


कमरे की हर दीवार पर खून के धब्बे थे. जैसे ही हड़बड़ाहट बाहर निकलने के लिए दौड़ा तो पैर में कुछ अटकने की वजह से मैं गिर गया उसके बाद जो मैंने अपने मोबाइल की टोर्च  जलाकर देखा तो वहां पड़ी लाशें  और कंकाल ने सारी कहानी बयां कर दी. मानो सालो से इकठ्ठा की गयी लाशे हो. तभी मैं  वापस  हाइवे की तरफ भागने लगा और हाँफते हाँफते-हाँफते सड़क के किनारे जा पहुँचा एक तेजी से आती हुई कार आकर मेरे सामने रुकी और मैं उस में तेज़ी से दरवाज़ा  कर बैठ गया और आँखे बंद करके अपनी दिल की धड़कनो को सुनने लगा तभी मैने  आँखे खोलकर कार की अगली पर देखा तो कार  अपने आप चल रही थी.  नजारा देख कर मेरी मेरी चीख निकल गयी और जैसे ही में गाड़ी से नीचे कूदना चाहा वह कार तेजी से बहती नदी में जा गिरी, और अचानक आँख खुली तो मेरी बीवी हाथ में पानी का जग लिए मेरे उपर पानी डाल कर कह रही थी आज दफ्तर नहीं जाना क्या? मेने कहा थैंक गॉड डरावना सपना था।
दोस्तों मेरी कहानी कैसी लगी ज़रूर बताएगा।

4 comments:

  1. Bhahut achi lagi tumhari yeh dil ko dehla deni ghatna.

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  2. sapne pura ho jata to kiti achi hoti story wife se bolna agli bar se jab koi acha sapna aaye to pani na dale bad bahar dal de

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  3. Bilkul aapki khwaise poori hongi.

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  4. Hi friends this is my first story publish on blog spot

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